
भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के ‘बुरे पड़ोसी’ और आतंकवाद को लेकर दिए गए सख्त बयान से पाकिस्तान बौखलाया हुआ नजर आ रहा है. जयशंकर के बयान के कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एक लंबा चौड़ा बयान जारी किया, जिसमें कश्मीर से लेकर आतंकवाद और सिंधु जल संधि तक का रटा-रटाया राग अलापा गया है. पाकिस्तान ने जयशंकर के बयान को ‘गैर-जिम्मेदाराना’ और ‘ध्यान भटकाने वाला’ करार दिया.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंदराबी ने कहा कि भारत अपने ‘परेशान करने वाले रिकॉर्ड’ से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान देता है. बयान में भारत पर क्षेत्र में आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया और कुलभूषण जाधव का जिक्र करते हुए भारत को ‘राज्य प्रायोजित आतंकवाद’ का दोषी ठहराने की कोशिश की गई. पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर सीमा पार हत्याओं, गुप्त अभियानों और कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क को समर्थन देने जैसे आरोप लगाए.
कश्मीर पर दोहराया रटा-रटाया बयान
कश्मीर मुद्दे पर भी पाकिस्तान ने वही पुराना रुख दोहराया. विदेश मंत्रालय के बयान में जम्मू-कश्मीर को भारत का ‘अवैध और हिंसक सैन्य कब्जा’ बताया गया और कहा गया कि पाकिस्तान कश्मीरी लोगों के ‘आत्मनिर्णय के अधिकार’ का समर्थन करता रहेगा. पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का हवाला देते हुए भारत पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करने का आरोप लगाया.
