नई दिल्ली। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने साफ कर दिया है कि 28 फरवरी 2028 के बाद मैसेजिंग एप्लिकेशन को दी जा रही।किसी भी प्रकार की विशेष नियामकीय छूट को बढ़ाने का फिलहाल कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि दूरसंचार नीति में राष्ट्रीय सुरक्षा और राजस्व हित सर्वोपरि रहेंगे।मीडिया से बातचीत में सिंधिया ने स्पष्ट किया कि मौजूदा नियामकीय ढांचा यथावत रहेगा और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को अतिरिक्त विस्तार देने पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने संकेत दिया कि पूर्व में दी गई कुछ छूटें केवल विशिष्ट वर्चुअल कनेक्शन उपयोग मामलों के लिए थीं, न कि व्यापक प्रत्यक्ष संचार सेवाओं के लिए। इनका उद्देश्य कभी भी अनुपालन आवश्यकताओं को कम करना नहीं था।
सुरक्षा और राजस्व से समझौता नहीं-मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे की संवेदनशीलता को देखते हुए सार्वजनिक परामर्श की प्रक्रिया नहीं अपनाई गई। राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता संभव नहीं है। साथ ही राजकोष पर पड़ने वाले प्रभाव भी दूरसंचार विभाग के लिए महत्वपूर्ण विचार हैं।
स्पेक्ट्रम: संप्रभु संसाधन, निजी संपत्ति नहीं-स्पेक्ट्रम नीति पर बोलते हुए सिंधिया ने बताया कि Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने विभिन्न बैंड, आरक्षित मूल्य, आवंटन अवधि और उपयोग श्रेणियों को लेकर सिफारिशें दी हैं। इनका मूल्यांकन दूरसंचार विभाग कर रहा है, जिसके बाद अंतिम निर्णय होगा।उन्होंने दोहराया कि स्पेक्ट्रम एक दुर्लभ और संप्रभु संसाधन है, इसे निजी संपत्ति नहीं माना जा सकता। हालिया कानूनी स्पष्टता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि Supreme Court of India ने भी सरकार के इस रुख की पुष्टि की है। दिवालियापन की प्रक्रिया से गुजर रही कंपनियों के पास मौजूद स्पेक्ट्रम को सरकार वापस ले सकती है।
सैटेलाइट सेवाओं को मिलेगी रफ्तार-उपग्रह स्पेक्ट्रम आवंटन पर मंत्री ने कहा कि मूल्य निर्धारण और सुरक्षा अनुपालन की शर्तों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद सैटेलाइट आधारित सेवाओं के शुभारंभ का मार्ग साफ होगा।
बीएसएनएल का दमदार प्रदर्शन-राज्य दूरसंचार कंपनी Bharat Sanchar Nigam Limited (BSNL) के प्रदर्शन पर सिंधिया ने कहा कि तीसरी तिमाही के नतीजे “बेहद उत्साहजनक” हैं।
- कुल राजस्व में 13% की वृद्धि
- ईबीआईटीडीए में 100% से अधिक बढ़ोतरी
- नकदी प्रवाह और परिचालन दक्षता में सुधार
उन्होंने इसे कंपनी के पुनरुद्धार की दिशा में सकारात्मक संकेत बताया।
6G में भारत का वैश्विक लक्ष्य-सिंधिया ने कहा कि जहां भारत 4G के दौर में पीछे रह गया था और 5G में बराबरी कर ली, वहीं 6G के लिए भारत समाधान विकसित करने में अग्रणी बनने का लक्ष्य रखता है।Bharat 6G Alliance की स्थापना 2023 में हुई थी और इसके सदस्यों की संख्या 15 से बढ़कर लगभग 100 हो चुकी है। इसमें टेलीकॉम सेवा प्रदाता, इंटरनेट सेवा प्रदाता, शैक्षणिक और औद्योगिक संस्थान शामिल हैं। भारत वैश्विक स्तर पर 6G पेटेंट का 10% हिस्सा हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है।
ईएमएफ विकिरण पर सख्त मानक-दूरसंचार टावरों से निकलने वाले ईएमएफ विकिरण पर मंत्री ने कहा कि भारत अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी अधिक सख्त नियमों का पालन करता है। डिजिटल अवसंरचना के विस्तार के साथ जन स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
- ग्रामीण कनेक्टिविटी: 30 हजार गांव लक्ष्य में
- सरकार के 4G कवरेज कार्यक्रम के तहत लगभग 30,000 गांवों को जोड़ा जा रहा है।
- 17,000 टावर स्थापित
- 14,500 टावर पहले से चालू
- शेष कार्य भूमि, बिजली और राइट ऑफ वे की समस्याओं के कारण लंबित
राज्यों के समन्वय से इन बाधाओं को दूर किया जा रहा है। विस्तार जारी रहेगा, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभु संसाधनों की रक्षा और राजस्व हितों पर कोई समझौता नहीं होगा। 2028 के बाद मैसेजिंग ऐप्स को विशेष छूट न देने का संकेत और 6G में नेतृत्व का लक्ष्य, भारत की दूरसंचार नीति की नई दिशा को दर्शाता है।

