मंदसौर। वायडी नगर थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला 1886.6 लीटर संदिग्ध केमिकल जब्त किया है। इसकी अनुमानित कीमत 10 लाख रुपए से अधिक बताई जा रही है। यह खतरनाक केमिकल एक किराए के मकान में 10 बड़े ड्रमों में छिपाकर रखा गया था। मकान किराए पर लेने वाला मुख्य आरोपी फिलहाल राजस्थान की प्रतापगढ़ जेल में बंद है, जिसे जल्द ही प्रोडक्शन वारंट पर मंदसौर लाया जाएगा।टीआई शिवांशु मालवीय ने बताया कि विजय हाउसिंग सोसायटी (फार्मेसी कॉलेज रोड) में रहने वाली मकान मालकिन ललिता जैन ने पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने अपना मकान 1 जनवरी 2026 को प्रतापगढ़ (राजस्थान) निवासी श्रेयांश मोगरा को किराए पर दिया था। फरवरी के पहले हफ्ते में जब उन्हें पता चला कि किराएदार श्रेयांश को प्रतापगढ़ पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर लिया है, तो उन्हें मकान में कुछ गलत होने का शक हुआ। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने मकान का ताला तोड़ा तो अंदर से तेज केमिकल की गंध आ रही थी।
10 ड्रमों में भरा था एमडी ड्रग्स बनाने वाला रसायन
पुलिस टीम ने जब कमरे की तलाशी ली, तो वहां नीले, हरे और पीले रंग के 10 बड़े प्लास्टिक ड्रम रखे मिले। जांच में पता चला कि इन ड्रमों में एमएमए, टीसीएसी और एसीटोन जैसे तरल रसायन भरे हुए हैं। इन केमिकल्स का इस्तेमाल मुख्य रूप से एमडी और अन्य सिंथेटिक मादक पदार्थों के निर्माण (ड्रग्स फैक्ट्री) में किया जाता है। पुलिस ने मौके पर वैधानिक कार्रवाई करते हुए कुल 1886.6 किलोग्राम/लीटर संदिग्ध केमिकल जब्त कर लिया है।
प्रोडक्शन वारंट पर मंदसौर लाया जाएगा आरोपी
सीएसपी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी श्रेयांश मोगरा के खिलाफ वायडी नगर थाने में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। चूंकि आरोपी अभी प्रतापगढ़ जेल में बंद है, इसलिए मंदसौर पुलिस उसे प्रोडक्शन वारंट पर यहां लाने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में यह केमिकल कहां से लाया गया था और इससे ड्रग्स बनाकर कहां सप्लाई की जानी थी।
