नीमच। नीमच शहर में पुलिस की दबंगई और नशेबाजी का गंभीर मामला सामने आया है। नीमच सिटी थाना क्षेत्र के जेतपुरा फंटे के पास बुधवार सुबह पुलिस लाइन में पदस्थ आरक्षक जयराम मेघवाल ने शराब के नशे में धुत होकर सड़क किनारे सब्जी बेच रहे एक गरीब विक्रेता की बाइक को टक्कर मार दी। विरोध करने पर आरक्षक ने वर्दी का रौब दिखाते हुए पीड़ित को सरेआम गालियां दीं और झूठे केस में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी।
जानकारी के अनुसार, गिरदौड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह राणावत रोज़ की तरह सड़क किनारे बाइक पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। इसी दौरान आरक्षक जयराम मेघवाल तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए आया और उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद जब सुरेंद्र सिंह ने सावधानी से वाहन चलाने की बात कही, तो आरक्षक आगबबूला हो गया।
आरोप है कि आरक्षक ने शराब के नशे में वर्दी का दुरुपयोग करते हुए पीड़ित के साथ भद्दी गालियां दीं और खुलेआम धमकी दी कि वह उसे झूठे मामले में फंसा देगा। पीड़ित ने हिम्मत दिखाते हुए इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
थाने पहुंचे समाजजन, करणी सेना का आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही करणी सेना के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, समाजजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में नीमच सिटी थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिसकर्मी के इस व्यवहार पर कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि मेहनत-मजदूरी करने वाले गरीब व्यक्ति के साथ इस तरह की बदसलूकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आरोपी आरक्षक के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
वरिष्ठ अधिकारियों ने लिया संज्ञान
मामले की गंभीरता और वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। सीएसपी किरण चौहान ने बताया कि शराब के नशे में पुलिसकर्मी द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायत मिलने पर जांच की गई। प्रारंभिक जांच में आरोप सही पाए जाने पर आरक्षक जयराम मेघवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। घटना ने एक बार फिर वर्दी की गरिमा और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
