
नीमच। मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (एमपीबीएसई) ने मंगलवार को कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित कर दिए। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए नतीजे जारी करते हुए इसे पिछले 16 वर्षों का सबसे बेहतर परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए रिकॉर्ड बना रहा है और इस बार भी प्रदर्शन ऐतिहासिक रहा है।
रिजल्ट घोषित होते ही प्रदेशभर में खुशी की लहर दौड़ गई। खास बात यह रही कि इस बार भी बेटियों ने बाजी मारते हुए मेरिट और पास प्रतिशत दोनों में बेटों को पीछे छोड़ दिया। वहीं आदिवासी और पिछड़े जिलों के बेहतर प्रदर्शन ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के संकेत दिए हैं।
कक्षा 10वीं के परिणामों की बात करें तो इस वर्ष 73.42 प्रतिशत छात्र सफल हुए हैं। प्रदेश के पन्ना जिले की प्रतिभा सिंह सोलंकी ने 500 में से 499 अंक हासिल कर टॉप किया। वहीं कक्षा 12वीं का परिणाम भी रिकॉर्ड स्तर पर रहा, जिसमें 76.01 प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए। 12वीं में भोपाल की खुशी राय और चांदनी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से पहला स्थान हासिल किया।
इस बार के परिणामों में सरकारी स्कूलों का प्रदर्शन निजी स्कूलों से बेहतर देखने को मिला, जिसे सरकार शिक्षा सुधार की बड़ी उपलब्धि मान रही है।नीमच जिले के लिए भी यह परिणाम खास रहा। जिले ने 83.40 प्रतिशत परिणाम के साथ प्रदेश के टॉप-10 जिलों में स्थान बनाया है। यह उपलब्धि जिले में शिक्षा के बढ़ते स्तर और छात्रों की मेहनत को दर्शाती है।नीमच के छात्रों ने भी प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। शासकीय सांदीपनि स्कूल, नीमच कैंट की छात्रा प्रियांशी ने प्रदेश मेरिट में 5वां स्थान प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया। इसके अलावा कु. मंतशा गौरी (विजडम पब्लिक स्कूल, नीमच) और कु. प्रांजल सोनी (जिनेन्द्र एजुकेशन एकेडमी, सिंगोली) ने 490-490 अंक हासिल कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने विशेष रूप से बेटियों के प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि उन्होंने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं।सीएम ने असफल छात्रों को भी संदेश देते हुए कहा कि वे निराश न हों। नई शिक्षा नीति के तहत उन्हें दूसरा मौका (सेकंड एग्जाम) दिया जाएगा, जिससे वे अपने परिणाम में सुधार कर सकते हैं। शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी कहा कि मध्य प्रदेश उन राज्यों में शामिल है जहां सभी विषयों में दोबारा परीक्षा देने की सुविधा उपलब्ध है। प्रदर्शन में इस बार अनूपपुर, अलीराजपुर, नरसिंहपुर, मंडला, झाबुआ, बालाघाट, बड़वानी, सीहोर और डिंडोरी जैसे जिले शीर्ष पर रहे, जबकि नीमच ने भी टॉप-10 में जगह बनाकर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।ल मिलाकर, एमपी बोर्ड रिजल्ट 2026 ने यह साबित कर दिया है कि प्रदेश में शिक्षा का स्तर तेजी से सुधर रहा है और छात्र-छात्राएं नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।
