मन्नत पूरी होने पर जोड़े के साथ कर रहे दर्शन, गुरुवार को 15 नवविवाहित जोड़ों ने लगाई हाजिरी
जावद। नगर की पुरानी धानमंडी में विराजित कुंवारों के देवता माने जाने वाले बिल्लम बावजी
के दरबार में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रंग पंचमी से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन के दौरान दूर-दूर से कुंवारे युवक-युवतियां विवाह की मन्नत लेकर यहां पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना पर बिल्लम बावजी की कृपा से योग्य जीवनसाथी मिल जाता है।
के दरबार में इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। रंग पंचमी से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन के दौरान दूर-दूर से कुंवारे युवक-युवतियां विवाह की मन्नत लेकर यहां पहुंच रहे हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना पर बिल्लम बावजी की कृपा से योग्य जीवनसाथी मिल जाता है।श्रद्धालुओं के अनुसार मन्नत पूरी होने के बाद नवविवाहित जोड़े फिर से बिल्लम बावजी के दरबार में आकर आशीर्वाद लेते हैं। इसी आस्था के चलते प्रतिदिन यहां बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े भी दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
व्यापारी अशोक अग्रवाल और नवीन पुरोहित ने बताया कि गुरुवार को ही करीब 15 नवविवाहित जोड़ों ने बिल्लम बावजी के दर्शन कर आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि विवाह की मन्नत पूरी होने पर युवक-युवतियां अपने जीवनसाथी के साथ यहां आकर पूजा-अर्चना करते हैं।
इन दिनों धानमंडी स्थित बिल्लम बावजी के दर्शन करने को लेकर देर शाम तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों और अन्य राज्यों से भी लोग यहां पहुंचकर बिल्लम बावजी के दर्शन कर रहे हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है, इसी कारण इस स्थान की ख्याति लगातार बढ़ती जा रही है।
