नीमच में 12 लाख रुपये के सोने की कथित चोरी… लेकिन कहानी में ऐसा मोड़ आया कि चोर खुद अपनी ही चाल में फंस गया।मामला है मंगलम ज्वेलर्स का… जहाँ मुनीम दिलखुश नागदा ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी जेब से 65 ग्राम सोना अज्ञात बदमाश पार कर गए। दिनदहाड़े चोरी की इस वारदात से सराफा बाजार में हड़कंप मच गया।लेकिन नीमच कैंट थाना पुलिस और साइबर सेल को शुरुआत से ही कहानी में कुछ गड़बड़ नजर आई।पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के निर्देशन में और एएसपी नवल सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए… लोकेशन ट्रेस की… और फिर शुरू हुई मनोवैज्ञानिक पूछताछ।थाना प्रभारी नीलेश अवस्थी ने मुनीम से सख्ती और सूझबूझ के साथ सवाल किए। पुलिस को पता चल चुका था कि सोना चोरी नहीं हुआ… बल्कि छिपाया गया है।जांच के दौरान पुलिस उस जगह तक भी पहुंच गई जहाँ सोना छिपाया गया था। लेकिन यहीं खेल पलट गया।थाना प्रभारी ने चुपचाप डिब्बी से सोना निकालकर उसकी जगह पत्थर के टुकड़े रख दिए।फिर मुनीम को कहा गया – चलो, दिखाओ कहाँ छिपाया है सोना।मुनीम पूरे आत्मविश्वास के साथ जगह पर पहुंचा… डिब्बी निकाली… और जैसे ही खोली…अंदर सोने की जगह पत्थर!

उसके चेहरे का रंग उड़ गया… आवाज बंद… और यहीं थाना प्रभारी का वो डायलॉग गूंजा—“तुम जितना सोचते हो ना… पुलिस तुम्हारी बाप है… पुलिस तो तुम्हें देख रही थी कि तुम क्या हो!”कुछ ही पलों में सच्चाई सामने थी। 12 लाख रुपये के सोने की कथित चोरी दरअसल एक मनगढ़ंत कहानी थी।पुलिस ने 65 ग्राम शुद्ध सोना बरामद कर लिया… और आरोपी मुनीम को गिरफ्तार कर लिया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी अंकित जायसवाल ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए कहा कि तकनीकी जांच, साइबर विश्लेषण और टीम वर्क के दम पर यह केस चंद घंटों में सुलझाया गया।इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे, आरक्षक लकी, सोनु और पूरी टीम की अहम भूमिका रही।पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से खुश होकर सराफा एसोसिएशन ने अधिकारियों का शाल-श्रीफल से सम्मान किया।नीमच पुलिस ने एक बार फिर साबित कर दिया… अपराधी चाहे कितना भी चालाक क्यों न हो… कानून की नजर से बच नहीं सकता।
