जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल बोले- “यह शामगढ़ टीआई कपिल सौराष्ट्र की रची हुई गहरी साजिश”
थाना प्रभारी 2 दिन की पुलिस रिमांड पर
शुक्रवार शाम पुलिस ने आरोपी थाना प्रभारी को एनडीपीएस (NDPS) के विशेष न्यायाधीश जितेंद्र कुमार बाजोलिया की कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें 2 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। अब पुलिस रिमांड के दौरान इस पूरे नेक्सस और वर्दी की आड़ में चल रहे काले कारोबार की परतों को खंगालेगी।
बाल्टी से निकला 22 लाख का ‘काला सोना’, फिर खुली कमान
इस पूरे सनसनीखेज मामले की शुरुआत 7 जुलाई को हुई थी। जिला लोक अभियोजक चंचल बाहेती के अनुसार, जीरन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सीमखेड़ा फंटे के पास हाईवे पर एक व्यक्ति अफीम की डिलीवरी देने खड़ा है। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर संदिग्ध मंगल सिंह (निवासी सीमखेड़ा) को दबोच लिया। मूसलाधार बारिश के बीच जब पुलिस आरोपी को हर्कियाखाल चौकी लेकर आई और उसके पास मौजूद कैस्ट्रोल तेल की हरी बाल्टी की तलाशी ली, तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। बाल्टी के भीतर 4 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम छिपाई गई थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 22 लाख 50 हजार रुपए आंकी गई है।
रिमांड में तस्कर ने उगला ‘वर्दी वाला राज’
जीरन पुलिस ने जब मुख्य आरोपी मंगल सिंह को हिरासत में लेकर अफीम की सप्लाई चेन और उसके नेटवर्क को लेकर कड़ी पूछताछ की, तो उसने सीधे जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी का नाम लेकर पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया। मंगल सिंह ने खुलासा किया कि अफीम की इस तस्करी और सेफ पैसेज देने के खेल में थाना प्रभारी भाटी की सीधी संलिप्तता है। इस पुख्ता बयान के आधार पर जीरन पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी को सह-आरोपी बनाया और उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
थानेदारों की ‘जंग’: आरोपी बोले- “साजिश”, तो टीआई ने कहा- “मैंने तो सिर्फ पुलिस की मदद की”
न्यायालय में पेशी से पहले जब आरोपी जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल लाया गया, तो उन्होंने मीडिया के सामने खुद को पूरी तरह बेकसूर बताया। भाटी ने एक नया मोड़ देते हुए गंभीर आरोप लगाया:- उन्होने कहा कि “यह पूरा केस फर्जी है। शामगढ़ थाना प्रभारी (TI) कपिल सौराष्ट्र की पुरानी रंजिश की वजह से मुझे इस मामले में घसीटा गया है। यह पूरी उनकी रची हुई साजिश है।”
कपिल सौराष्ट्र (टीआई, शामगढ़) का पलटवार:
दूसरी ओर, इन आरोपों पर शामगढ़ थाना प्रभारी कपिल सौराष्ट्र ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “मेरा इस केस से कोई व्यक्तिगत लेना-देना नहीं है। मेरे इलाके में जीरन पुलिस कार्रवाई के लिए आई थी, और मैंने सिर्फ एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी के नाते उनका सहयोग किया था।”
जीरन पुलिस का डबल स्ट्राइक, एक ही दिन में चार तस्कर दबोचे
गौरतलब है कि जीरन थाना पुलिस इन दिनों तस्करों पर काल बनकर टूटी है। मंगलवार को पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में कुल चार तस्करों को दबोचा था, जिनसे 35 लाख रुपए का माल और वाहन जब्त किया गया:
- पहली कार्रवाई: महू-नीमच रोड पर चेकिंग के दौरान एक टाटा ट्रक को रोका गया। ड्राइवर की सीट के पीछे छिपाकर रखे दो प्लास्टिक के कट्टों से 30 किलो पिसा हुआ डोडाचूरा बरामद हुआ। मौके से पंजाब (संगरूर) निवासी जीता सिंह (29), काला सिंह (49) और कृष्ण उर्फ रविदास (35) को गिरफ्तार कर 10 लाख का ट्रक और 90 हजार का डोडाचूरा जब्त किया गया।
- दूसरी कार्रवाई: इसी कार्रवाई के सिलसिले में आगे बढ़ते हुए पुलिस ने मंगल सिंह को 4.5 किलो अफीम के साथ पकड़ा, जिसके तार सीधे जीआरपी प्रभारी से जुड़े निकले।
अब आगे क्या?
फिलहाल जीआरपी थाना प्रभारी कन्हैयालाल भाटी पुलिस की 2 दिन की रिमांड पर हैं। जीरन पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि भाटी कब से इस नेटवर्क का हिस्सा थे और उनके संरक्षण में अब तक मादक पदार्थों की कितनी खेप ठिकाने लगाई जा चुकी है। वर्दी की आड़ में चल रहे इस खेल के सामने आने के बाद पुलिस महकमे के उच्च अधिकारी भी मामले पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
