
नीमच।मध्य प्रदेश के नीमच जिले से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित सुप्रसिद्ध हकियाखाल बालाजी मंदिर आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह मंदिर अपने चमत्कारों, विशेषकर बालाजी की गदा के स्वयं चरणों में पहुंचने की घटना, और कानून से जुड़े एक अनोखे प्रसंग के लिए जाना जाता है। यहां राज्यपाल सहित कई उच्च अधिकारी भी दर्शन के लिए आते हैं।यह मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है। प्रतिदिन सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को भारी भीड़ रहती है। सुबह की आरती से लेकर शाम की आरती तक पूरा परिसर ‘जय बजरंगबली’ के जयकारों से गूंजता रहता है।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मंदिर से जुड़े चमत्कारों की चर्चा पुरानी है। यहां सूनी गोद भरने, कैंसर और किडनी जैसी गंभीर बीमारियों से राहत मिलने, तथा लंबे समय से चले आ रहे पारिवारिक संकटों के दूर होने जैसी कई घटनाएं सामने आई हैं। इसी कारण दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां मन्नत मांगने आते हैं। मंदिर में एक ऐसा चमत्कार देखा गया, जिसने श्रद्धालुओं की आस्था को और गहरा कर दिया। बालाजी महाराज की मूर्ति के पास रखी गदा (गोटा) को प्रतिदिन रात में सीधा खड़ा कर दिया जाता था। लेकिन सुबह मंदिर खुलने पर वह गदा अपने आप सरककर बालाजी के चरणों में पहुंच जाती थी
