नीमच।सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कैश हैंडलिंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर चिंता सामने आई है। नीमच जिले के रतनगढ़ में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की कैश वैन में तैनात सुरक्षा गार्ड मांगीलाल धाकड़ की अपनी ही 12 बोर बंदूक से चली गोली लगने से मौत हो गई। यह हादसा शनिवार दोपहर उस समय हुआ, जब बैंक परिसर के बाहर कैश ट्रांजैक्शन और वैन लोडिंग की प्रक्रिया चल रही थी।
कैसे हुआ हादसा-प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गार्ड की लोडेड बंदूक कंधे पर टंगी हुई थी। इसी दौरान बंदूक अचानक फिसलकर नीचे गिर गई। जमीन से टकराते ही ट्रिगर दब गया और गोली चल गई। गोली सीधे गार्ड के कूल्हे में जा लगी और शरीर के अंदरूनी हिस्सों को नुकसान पहुंचाते हुए पेट की ओर चली गई। हादसे के बाद मौके पर ही भारी मात्रा में रक्तस्राव हुआ और स्थिति गंभीर हो गई।
इलाज में देरी और मौत-घायल गार्ड को तत्काल रतनगढ़ के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण समय पर समुचित इलाज नहीं मिल सका। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे नीमच जिला चिकित्सालय के लिए रेफर किया गया, लेकिन नीमच ले जाते समय जावी के पास रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक मांगीलाल धाकड़ रतलाम जिले का निवासी बताया जा रहा है।
बैंकिंग सुरक्षा पर उठे सवाल-इस घटना ने बैंकिंग सेक्टर में कैश वैन संचालन, हथियारों की सेफ्टी और सुरक्षा गार्ड्स की ट्रेनिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंकिंग विशेषज्ञों का कहना है कि कैश मूवमेंट के दौरान हथियारों को सेफ मोड में रखना, फॉल-सेफ मैकेनिज्म और नियमित रिफ्रेशर ट्रेनिंग अनिवार्य होनी चाहिए। कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक सुरक्षा सेवाओं के लिए आउटसोर्स एजेंसियों पर निर्भर हैं, जहां प्रशिक्षण और निगरानी में कमी की आशंका जताई जा रही है।
जांच शुरू-घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हथियार से गोली चलने के कारणों, सुरक्षा एजेंसी की भूमिका और बैंक के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के पालन की भी जांच की जा रही है।
