5 साल पुराने अपहरण-कांड में फैसला: 2 दोषियों को 3-3 साल की सजा
झगड़े के पैसों के विवाद में युवक का अपहरण कर की थी मारपी, मनासा कोर्ट का निर्णय
मनासा (नीमच)। करीब 5 साल पुराने अपहरण और मारपीट के मामले में मनासा की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार देते हुए 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। फैसला द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आषुतोष यादव द्वारा सुनाया गया।
दोषी ठहराए गए आरोपी हैं—
1. अमरसिंह पिता रोड़ीलाल बंजारा (34), निवासी ग्राम बुज, तहसील रामपुरा, जिला नीमच
2. कमलाशंकर पिता भेरूलाल भोई (41), निवासी भोई मोहल्ला, आदर्श गली, तहसील रामपुरा, जिला नीमच
क्या था मामला?
अभियोजन मीडिया सेल प्रभारी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रितेष कुमार सोमपुरा के अनुसार, घटना 28 फरवरी 2021 की शाम करीब 4 बजे थाना कुकड़ेश्वर क्षेत्र के ग्राम तलाउ नदी स्थित महादेव मंदिर आमरोड़ के पास की है।फरियादी अमरसिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह अपने साथियों गोपाल और इंदरसिंह बंजारा के साथ मोटरसाइकिल से गोपालपुरा जा रहा था। महादेव मंदिर के पास रुककर बातचीत के दौरान सफेद बोलेरो में सवार आरोपी मौके पर पहुंचे और इंदरसिंह बंजारा को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए।बताया गया कि इंदरसिंह और उसके साले के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते आरोपियों ने उसका अपहरण कर मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना के दौरान पीड़ित को बरामद किया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।विचारण के दौरान एक आरोपी सद्दा बंजारा की मृत्यु हो गई, जिसके बाद शेष दो आरोपियों के विरुद्ध सुनवाई पूरी कर निर्णय सुनाया गया।
किन धाराओं में सजा? न्यायालय ने आरोपियों को—
- धारा 365 भादंवि के तहत 3-3 वर्ष सश्रम कारावास व 1000-1000 रुपये अर्थदंड
- धारा 342 भादंवि के तहत 6-6 माह सश्रम कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड
- धारा 323 भादंवि के तहत 3-3 माह सश्रम कारावास व 500-500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी_मामले में शासन की ओर से पैरवी ए.जी.पी. गुलाबसिंह चंद्रावत ने की। उन्होंने महत्वपूर्ण गवाहों के बयान कराते हुए अपराध सिद्ध कराया और कठोर दंड की मांग की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार किया।
